Irade

Story Section No. 4

रात हो गई ग्राउंड पर साहिल अकेला बैठा था. हर रोज़ की तरह स्कूल की चक्कर महादेव सर काट रहे थे. महादेव सर साहिल के करीब में जा बैठे, साहिल से बातें करने के लिए.
https://www.wikidata.org/wiki/Q16734076,https://en.wikipedia.org/wiki/Dharmendra
Story-of-Irade

साहिल:- सर मै आपका ही इंतेज़ार कर रहा था. आज आपने जो मेरे लिए किया वह मेरे लिए मेरा कोई अपना भी नहीं कर सकता. आपका यह मुझ पर बहोत बड़ा अहेसान रहेगा.
महादेव:- और वंही बात कहे रहे हो तुम, मैंने कहना मैंने तुम्हारे लिए कुछ नहीं किया हैं. आज जो भी तुम्हे इज्ज़त मिली हैं वह तुम्हारी महेनत का नतीजा है. तुमने अपने घर पर फ़ोन करके बताया की नहीं तुम्हारी जित के बारें में.
साहिल:- जी नहीं सर, मै सोंच रहा था के कल एक दिन की छुट्टी  लेकर घर जाकर ही माँ को बतादू, इस से वह बहोत खुश होगी.
महादेव:- फिर सोंचना क्या हैं कल सुबह-सुबह ही चले जाना और तुम चाहो तो मै भी तुम्हारे साथ चलता हूँ.
साहिले:- (बहोत कुशी से) सर मेरे घर पर आय इससे बडी बात मेरे लिए क्या होगी फिर कल सुबह ७ बजे की बस से चलते हैं.
महादेव:- बस से क्यों मेरी कार में चलते हैं, चलो अब रात बहोत हो गई हैं और फिर कल सुबह जाना भी हैं. अब तुम सो जाओ.
    अगले दिन साहिल और महादेव सर, उनकी कार में बैठ कर साहिल के गांव चले गए साहिल के घर पर, घर पर साहिल ने अपने छोटे बहेन भाई और माँ से मिलावाया. महादेव सर के घर आने और साहिल की कल की जीत की वजह से साहिल के घरवाले बहोत खुश हो गए और सबसे ज्यादा साहिल की माँ.
https://www.wikidata.org/wiki/Q16734076,https://en.wikipedia.org/wiki/Farida_Jalal
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    मिलना मिलाना खाना खाना हो गया इस में वक़्त कब गुज़रा पता ही नहीं चला. रात हो गई साहिल और महादेव सर को वापस जाना था. वह दोनों तयार हो गए जाने के लिए तब साहिल की माँ महादेव सर से कहती है.
माँ:- कल जिस तरह से आपने मेरे बेटे की मदत की उस के लिए आपका बहोत-बहोत शुक्रिया. आप मेरे बेटे के लिए भगवन बन कर आय, आपको भाई की तरह समझ कर मै आपसे एक और विनती करती हूँ भगवन के लिए आप इस का इसी तरह से साथ देते रहेना.

महादेव:- आपने मुझे भाई कहा मै अपनी बहन से वादा करता हूँ मेरी जब-तक सांस हैं तब-तक मै साहिल के साथ रहूँगा. 
    साहिल को जब पहली बार महादेव सर ने देखा था तभी महादेव सर को साहिल में अपना गुज़रा हुवा बेटा नज़र आता था. महादेव सर साहिल को पहली ही दफे में अपना सहारा मान लिया था. आज साहिल के घर जाने से साहिल पर महादेव सर का भरोसा और विश्वाश इतना आ गया था जितना वह खुद पर करते थे.
    अगले दिनसे ही साहिल का काम करना बंद करवा दिया सिर्फ प्रैक्टिस करवाने लगे. खुद हो कर महादेव सर साहिल को सिखाया करते. खाली वक़्त में स्कूल का पूरा हिसाब-किताब बताया करते. स्कूल की छोटी बड़ी सारी बातें महादेव सर ने साहिल को बताई.
    साहिल बच्चपन से ही बहोत इमानदार और साफ़ दिल का लड़का था. अपनी प्रैक्टिस करते-करते स्कूल का बहोत सा काम भी किया करता. महादेव सर को साहिल के आने से बहोत राहत मिली और साहिल की वजह से उन्हें जिंदगी जीने में मज़ा आने लगा. साहिल महादेव के बेटे की तरह हर वक्त महादेव सर की देख-रेख करता. महादेव सर साहिल को घर खर्च के लिए पैसे भी दिया करते थे और साहिल वह पैसे अपनी माँ को देता. इस तरह से साहिल का घर चलता और उस के पहेलवान की प्रैक्टिस भी होने लगी.
    आहिस्ता-आहिस्ता वक़्त गुज़र ने लगा देखते ही देखते कुछ साल निकल गए साहिल जवान हो गए और बहोत अच्छा पहेलवान बन गया. अब साहिल का सपना सिर्फ ६ महीने की ही दूर पर था. साहिल का सपना था अपनी माँ को देश का सबसे अच्छा पहेलवान बन कर दिखाना हैं.
    साहिल ने अपने छोटे बहन भाई को अच्छे स्कूल में बढाया. छोटा भाई इंजीनियरिंग की पढाई पूरी करने लगा. छोटी बहन ने अपनी बारावी क्लास की पढाई पूरी की जैसे ही साहिल की बहन ने बारावी पास की उसे रिश्ते आने शुरू हो गए माँ ने साहिल को बहन की शादी करवाने को कहा. साहिल ने उन रिश्तों में से एक अच्छे लड़के से अपने बहन की शादी करवादी. साहिल अपनी तनख्वाह में से कुछ पैसे जमा कर रहा था बहन की शादी के लिए और उन्ही पैसों से अपनी बहन की शादी की, महादेव सर ने बहोत बार साहिल को शादी के लिए पैसे देने चाहे लेकिन साहिल ने किसी तरह उन्हें मना लिया के मेरा फ़र्ज़ मुझे ही अदा करने दीजिए.
साहिल ने स्कूल की पूरी ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर लेली थी और साहिल को अपनी प्रैक्टिस की वजह से घर पर जाने के लिए वक़्त ही नहीं मिलरहा था, जिससे साहिल साल में एक या दो बार ही घर पर जासका, लेकिन हर महीने के महीने अपनी माँ को पैसे भेजा करता था.
माँ की सेहत ख़राब रहने लगी माँ ने साहिल को अब-तक नहीं बताया था. लेकिन आज बहोत ज्यादा सेहत ख़राब हो गई थी इस लिए हॉस्पिटल में माँ को भर्ती करवाना पड़ा. साहिल को उसके भाई ने फ़ोन पर माँ की सेहत के बारें में बताया. साहिल और महादेव सर फ़ौरन हॉस्पिटल आए माँ से मिलने के लिए.

                          मिलते हैं अगले पेज पर....../

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