Prem Kahani


Story Section No.3
 
Love Story, Prem Kahani, Suraj Pacholi, Kaira Advani,
Story-of-Prem-Kahani
एक हफ्ता गुज़र गया फिर उसके बाद दूसरा भी हफ्ता गुज़र गया लेकिन पायल का गुस्सा ख़त्म ही नहीं हो रहा था जिसकी की वजह से साहिल बहोत परेशान रहने लगा. साहिल को उसका प्यार बिना किसी तकलीफ के फ़ौरन मिलगया था और कुछ दिन गुज़रे ते ही फ़ौरन वह उससे दूर भी हो गया. दिन-ब-दिन साहिल का दर्द गहरा होने लगा वह हार गया उसने एक दिन अपने दोस्त समीर से क्लास रूम में अकेले बात करने लगा. जब साहिल समीर से बातें कर रहा था तब पायल क्लास के बहार खडी उन दोनों की बातें चुप के से सुन रही थी.
साहिल :- (बहोत हताश होकर) तू तो मेरी हालत पर तरस खाले उसे मुझ से मिलादे और यह काम तेरे अलावा और कोई नहीं कर सकता.
समीर :- हां मै तुझे उससे मिला सकता हूँ लेकिन किस लिए मिलाऊ अच्छा चलो मैने तुझे उस से मिला भी दिया और तू उसके साथ रहने लगेगा और कुछ दिन गुज़र ने के बाद तू और किसी दुसरे के साथ मारपिटाई करने लगेगा. यह देख वह तुझ से फिर दुबारा दूर हो जाएगी इस से तो अच्छा हैं के तुम दोनों दूर ही रहो.
साहिल :- (बहोत गुस्से से) साले दोस्त हैं इस लिए तुझसे मदद मांग रहा था और तू मेरी मदद करना छोड़ यह सब कहे रहा हैं.
समीर :- तू जो नहीं चाहता तो वह मैंने कहा तब तुझे इतना गुस्सा आया और मै जो हर बार तुझसे कहता हूँ के किसी से मार पिटाई मत किया कर लेकिन तूने हर बार मेरे कहे बाद भी मार पिटाई करता रहा चल मेरा छोड़ लेकिन अपनी माँ की तो बात एक बार भी सुन्लेता. मुझसे तू दोस्ती निभाने की बात तो मत कर मैने हर बार दोस्ती निभाई हैं और तू अपने आपसे पुच तूने कितनी बार मेरे कहने पर किसी के साथ मारपिटाई नहीं कि कहना आसन हैं दोस्ती निभाना बहोत मुश्किल हैं.
    समीर की बातें साहिल के दिल को छु गई उसकी बातें सुनकर साहिल की आँखों से आंसू बहने लगे साहिल ने अपनी नज़रे समीर से फेर ली और अपनी नम आँखों से कहा.
साहिल :- मुझे माफ़ करदे मेरे दोस्त वादा करता हूँ आज के बाद कभी किसी से झगडा-लपड़ा नहीं करूँगा. पायल की जुदाई मै बर्दाश नहीं कर पा रहा हूँ इस लिए तुझसे यह सब कहा.
    यह कहे कर साहिल वंहा से अपनी नजरो और अपने आपको बचा कर जा रहा था के तभी साहिल का हाथ समीर ने पीछे से पकड़कर साहिल को रुकर कहा.
समीर :- इतना शर्मिंदा मत हो मेरे दोस्त तू तो मुझे कुछ भी कहे सकता हैं और रही मार पिटाई झोडने की बात तो वह पायल से ही कहदे.
    साहिल ने देखा के पायल समीर के पीछे खड़ी हैं और वह उसे देख मुस्कुरा रही हैं यह देख साहिल ने समीर को रोते हुवे गले से लगा दिया. समीर और साहिल का मिलना मिलाना हो गया तब पीछे से पायल ने साहिल से कहा.
पायल :- समीर तुम ठीक ही कहते थे यह तो ऊपर से ही कड़क हैं और अन्दर से बिकुल नर्म अब मुझसे भी मिलोगे के नहीं.
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    साहिल ने पायल से भी वादा किया के वह आज के बाद मारपिटाई नहीं करेगा. जब साहिल और पायल पहली बार मिले थे यह बात साहिल की माँ को समीर ने बताई थी. साहिल और पायल के बीज दूरी की बात भी समीर ने साहिल की माँ को बताई थी और आज जो कुछ हुवा वह सारी बातें भी साहिल की माँ को समीर ने बताई यानी हर बात समीर साहिल की माँ को साहिल बतपिछे बताया करता था.
    अगले दिन से ही साहिल और पायल पहले की तरह रहने लगे, आज के दिन साहिल और समीर अकेले कॉलेज के ग्राउंड पर बातें करते बैठे थे. साहिल ने समीर से कहा.
साहिल :- मै माँ को पायल से मिलाना चाहता हूँ लेकिन कैसे कहो के मै एक लड़की को चाहने लगा हूँ यह बात मेरे समझ में नहीं आ रही हैं.
    समीर और साहिल की माँ ने साहिल को इस बात का बता चलने नहीं दिया के उन्हें साहिल और पायल की प्रेम कहानी के बारें में सब बता हैं. समीर ने अनजाने अंदाज़ में साहिल से कहा.
समीर :- तू सच कहे रहा हैं ना के माँ को पायल से मिलाना हैं.
साहिल :- हां यार.
समीर :- तो बोल मेरे भाई क्या प्लान हैं.
    समीर बहोत दिनों से यह कोशिस कर रहा था के साहिल की माँ को पायल से किस तरह मिलाऊ क्यों के साहिल की माँ हर रोज़ समीर से कहती के उन्हें पायल से मिलना हैं और आज साहिल ने उसका काम बहोत आसान कर दिया.
साहिल :- तो प्लान यह हैं के मै मेरी बाइक की हवा झोड़ दूंगा और जब पायल आएगी तब उससे यह कहूँगा के पायल आज तुम्हे समीर तुम्हारे घर तक छोड़ेगा और तू उसे मेरे घर ले जायेगा यह कहे कर के मेरा घर रास्ते में ही हैं पहले मेरे घर पर चाय पिते हैं फिर मै तुम्हे तुम्हारे घर तक छोड़ दूंगा.
    पायल कॉलेज से बाहर आने के बाद समीर ने वैसा ही कहा जैसा साहिल ने उसे कहने को कहा था.
समीर :- पायल साहिल की बाइक पंचर हो गई हैं चल आज मै तुझे घर तक झोड़ देता हूँ.
साहिल :- हां ठीक हैं पायल तुम समीर के साथ चले जाओ मै मेरी गाड़ी को दुरुस्त करके आता हूँ.
    पायल समीर की बाइक पर बैठ कर अपने घर के लिए चली गई कुछ दूर चलने के बाद पायल से समीर ने कहा.
समीर :- पायल मेरा घर करीब में ही हैं चलो पहले मेरे घर पर चाय पीते हैं फिर मै तुम्हे तुम्हारे घर पर छोड़ आता हूँ.
पायल :- नहीं नहीं फिर कभी चलते हैं.
समीर :- अब मना मत करो मै तुम्हे ज्यादी देर तक नहीं रुकूँगा चाय पिने के बाद फ़ौरन चले जायेंगे.
पायल :- ठीक हैं, एक तुम हो के मुझे अपने घर पर चाय पिने ले जा रहे हो और एक साहिल हैं उसने तो मुझे अपना घर बाहर से तक नहीं दिखाया हैं और यह भी नहीं कहां के वह कहां रहेता हैं.
समीर :- दिखायेगा दिखायेगा एक दिन ज़रूर तुम्हे अपना घर दिखायेगा और अपने घर भी लेजा येगा लो आ गया साहिल का घर.
पायल :- क्या..., तुम्हारा या साहिल का घर.
समीर :- (हडबडाते हुवे) अ.., मेरा मतलब मेरा घर.
    समीर ने साहिल के घर की डोर बेल बजाई, साहिल की माँ घर पर अकेली थी उसने आकार दरवाजा खोला समीर को लड़की के साथ देख कर पहले चौक गई तब समीर ने अपने अंदाज़ में पायल से चोरी चुपके इशारा किया, समीर के इशारे को माँ समझ गई. साहिल की माँ पायल को देख बहोत खुश हो गई उन्हें पायल बहोत पसंद आई उन्हों ने पायल के लिए फ़ौरन चाय नाश्ते का इन्तेजाम किया.
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