Irade


Story Section No. 5

https://www.wikidata.org/wiki/Q16734076
Story-of-Irade

साहिल की माँ को डॉक्टर ने एक और रात एडमिट रहने के लिए कहा. धीरे-धीरे उनके सेहत में सुधार होने गला. हॉस्पिटल में माँ की देख-रेख के लिए साहिल ठहर गया. साहिल के साथ महादेव सर भी हॉस्पिटल में साहिल के साथ ठहरे गए. रात हो गई हर रात महादेव सर अपना पूरा काम करने के बाद शराब पिया करते थे. शराब पीना उनकी कमजोरी थी, कमजोरी यह थी के वह अपने मरे हुवे बेटे का ग़म भुलाने के लिए शराब का सहारा लिया करते थे. हॉस्पिटल के बहार एक गार्डन था मरीज़ के साथ आय हुवे लोगों को कुछ वक़्त आराम या फिर टहेलने के लिए. साहिल महादेव सर का पूरा ध्यान रखा करता था. जैसे ही रात के 11 बज गए साहिल ने महादेव सर से कहा.
माँ अभी गहरी नीद में हैं इस लिए सर हम बहार जाकर कुछ वक़्त गुज़र कर आते हैं जिससे आप थोडा फ्रेश हो जायेंगे.
रात होगी थी इस लिय अब गार्डन में गिने-चुने ही लोग थे. इस लिए साहिल ने महादेव सर को गार्डन में ले आया, महादेव सर का शराब पिने का वक़्त हो गया था. साहिल ने महादेव सर को गार्डन में एक तरफ बिठाया और बहार जाकर महादेव सर के लिए शराब खरेदी कर के लाई. महादेव सर ने शराब देख कर साहिल से कहा.
    यंहा पर किस लिए यह तुम लाए मै कुछ देर बाद अकेला ही बाहर जाकर थोड़ी बहोत पिकर वापस आने वाला था.
साहिल ने जब उनकी यह बात सुनी तब उनसे कहा.
    मुझे पता था आप यंही काम करेंगे इस लिए मैंने आपको गार्डन में एक तरफ पिठाय था.
महादेव सर ने जैसे ही थोड़ी बहोत शराब पिली तब साहिल ने उनसे यह सवाल किया.
साहिल:- सर आप ताज महेल की तरह है. सबसे अलग, सबसे अच्छे, बिना किस दाग के लेकिन सर आपमें ताज महेल की तरह एक कमी हैं. आपको शायाद बता होगा के ताज महेल में एक बारीक़ सुराख़ हैं जिसमें से पानी की बूंद टपकती हैं. उस सुराख़ में पानी कंहा से आता है यह किसी को पता नहीं. ठीख आपका यह पिने का अंदाज़ भी उसी तरह है, हमें यह नहीं पता चल रहा हैं के आपको कौनसा गम इतना सता रहा है जिसे भुलाने के लिए आप इतने कम जोर हो गए हैं के आपको शराब का सहारा लेना पढ़ रहा हैं.
  
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साहिल ने महादेव सर की दुखती रग पर हाथ रख दिया उनके ज़ख्मों को फिरसे ताजा कर दिया. महादेव सर की आँखों में आंसू आ गए. महादेव सर ने कभी भी अपना गम किसी से नहीं कहा था. आज पहली बार उन्हों ने साहिल से उनकी गुजरी हुवी जिंदगी के बारें में बताया.
महादेव:- मेरे खानदान में सभी पहेलवानी किया करते थे. मेरे दादा क्रांती कारी थे उन्हों ने अंग्रेजों के खिलाफ बहोत सी लढाई लड़ी और एक दिन अपने स्कूल को तोड़ने के लिए अंग्रेजों ने अपने सिपाहियों को भेजा उस रात दादाजी अकेले ही थे स्कूल पर लेकिन उन्हों ने अकेले ही सभी अंग्रेजी सिपाहियों को ख़त्म करके अपनी जान गवाकर स्कूल का बाल भी बाका नहीं होने दिया. कुछ साल बाद देश आजाद हुवा मेरे पिता जवान हो गए तब उनके कंधों पर स्कूल की ज़िम्मेदारी आ गई. मै एक लौदा था मुझे पहेलवान नहीं बनना था. मेरी रुची बॉक्सर बन्ने में थी, मेरे पिता ने मुझे बॉक्सर नहीं बन्ने दिया क्युंकी वह कहते थे.
“तू बॉक्सर बन गया तब तू बॉक्सिंग करता रहेगा तो इस स्कूल का ध्यान कौन रखेगा.”
    इस लिए मुझे अपना सपना छोड़ पहेलवान बनना पड़ा. मैंने बहोत से मेडल जीते, कुछ साल बाद मेरे पिता ने मेरी शादी करवादी. मुझे जैसी बीवी चाहिए थी वह उस उम्मीद से कई गुना बहतर थी. मै बॉक्सर नहीं बना इस बाद का मुझे बहोत दुःख था. वह दुःख मेरा बेटा दूर करेगा यह बात मेरी बीवी कहती थी. उसने मुझे मेरा सपना पूरा करने के लिए एक बेटा दिया लेकिन वह मुझसे हमेशा के लिए उसी दूर चली गई भगवन के पास.
    मुझे उसकी मौत से बहोत दुःख हुवा लेकिन मेरे बेटे के लिए मैंने वह सारा गम पीलिया. मेरा बेटा जवान हो गया, वह भी हुबा-हु तुम्हारी तरह ही दिखता था. तुम्हारी तरह मेरी हर छोटी-बड़ी ज़रूरतों को याद रखकर पूरा करता. लेकिंग वह बच-पन से ही तोडा कमजोर था फिर भी वह मेरे सपने को पूरा करने के लिए बॉक्सिंग जॉइन किया लेकिन बहोत साल तक महेनत करने के बाद भी वह अच्छा बॉक्सर नहीं बन पा रहा था.
    मैंने बहोत बार उसे बॉक्सिंग ना सिखने के लिए रोका यह कहेकर. तुझे नहीं जम रही हैं तो छोड़ दे. तू सिर्फ इस स्कूल को भी चलाने में कामियाब हो गया तो मेरे लिए वंही बहोत ख़ुशी की बात होगी.
    बॉक्सिंग को और कुछ साल देने के बाद फिर भी वह बॉक्सर नहीं बनसका तब उसने खुद-कुशी करली. मेरे बेटे की मौत से मै बहोत टूट गया जिस दिन मेरे बेटेने खुद-कुशी की उसने उसके साथ मुझे भी मार डाला. उसकी मौत का मै ही कसूरवार हूँ मेरे सपने को वह पूरा नहीं कर पा रहा था इस लिए उसने खुद-कुशी की, यह बात सोंच-सोंच कर कभी-कभी मेरा भी दिल हो जाता के मै भी मेरे इस जीवन को ख़त्म करदूं.
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मेरी आत्महत्या करने के बाद मेरे इस बुस्दिली के काम को मेरा देख और कोई ना (दौराए) करे इस लिए मैंने खुद-कुशी नहीं की, दूसरी वजह स्कूल की ज़िम्मेदारी भी थी जो मेरे पुर्खोने अपनी जान देकर इस स्कूल को सही सलामत रखा.
    मेरे गम को भुलाने के लिए मै ना चहाते हुवे भी मुझे शराब का सहारा लेना पड़ रहा हैं. साहिल मै तुम से एक सवाल पूछता हूँ, क्या तुम्हे तुम्हारे माता-पिता ने कुछ बन्ने को कहा या कुछ काम करने को कहा तब तुम वह नहीं कर पाए तब क्या अपनी जान ही दे दोगे. क्या तुम्हरी जान का कोई महोत्व नहीं हैं.
    साहिल ने सर की सारी बातें सुनी तभी अपने दिल में यह ठान लिया. पहेलवान बन कर माँ को दिखाने के बाद फिर सर का सपना मै ज़रूर पूरा करूँगा.
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साहिल:- मुझे मेरे माता-पिता ने या किसीने भी कुछ करने के लिए कहा और मुझे उसमें दिल चस्बी नहीं हैं या फिर वह मुझे नहीं जमेगा. तब मै खुद हो कर उनसे बात करूँगा. फिर भी वह जोर देने लगे तब कुछ दिन के लिए बिना किसी को कहे किसी दुसरे गांव चले जाऊंगा. लेकिन मेरी सोंच यह कहती हैं.
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    “इस दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं.” हम वह सब कुछ कर सकते है, जो हम सोंच सकते हैं, और हम वह सोंच सकते है, जो आज-तक नहीं सोंचा. तभी तो लोग कहते हैं. “उस लड़के के सिवा और किसी ने नहीं सोंचा के एक चाय वाला लड़का देश का प्रधानमंत्री बनेगा.”
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    और रही आपके शराब पिने की बात तो आप इतने कमज़ोर हैं क्या?. के आपको आपकी जिंदगी जीने के लिए इस गंदी शराब का सहारा लेना पढता हैं. मै आपको शराब पिने से नहीं रोकता क्युंके आप मेरे कहने से नहीं रुकोगे. जब-तक आप खुद शराब छोड़ने का “इरादा” नहीं करते तब-तक आप शराब नहीं छोड़ सकते.
    साहिल की बातें महादेव सर के दिल को छु गई महादेव सर ने साहिल से कहा.
महादेव:- बहोत अच्छी बात तुमने कही और मेरी आंखे खोल दी आज से ही मै शराब को छोड़ देता हूँ. मै इतना कमजोर नहीं हो के मुझे जीने के लिए शराब का सहारा ज़रूरी हैं.
    सर की यह बात सुनकर साहिल उनसे कहेता है.
साहिल:- सर मै जैसे ही देश का एक नंबर पहेलवान बनगया तब मै आपका सपना पूरा करके आपको देखाऊंगा.
    साहिल की यह बात सुन कर महादेव सर ने साहिल को ख़ुशी में आकर अपने गले से गया. कुछ देर बाद साहिल ने अपने छोटे भाई को घर से बुलवाया और महादेव सर को उसके साथ अपने घर पर आराम करने के लिए भेज दिया.
सुबह हो गई दस,गयारा बजगए तक साहिल की माँ को डॉक्टर ने चोट्टी देदी. साहिल अपनी माँ को लेकर घर आया. साहिल की माँ जैसे ही घर आई तब उसने साहिल से शादी करने की बात पर जोर डाला. माँ का साथ देने के लिए छोटे बहन भाई तो थे साथ में महादेव सर भी उनके साथ मिल गए.
साहिल:- माँ तेरे बेटे को देश का सबसे अच्छा पहेलवान बन्ने दे. फिर तू जब और जिससे कहगी तब उस लड़की से मै शादी करूंगा.
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