Tere Naam 2 …… Radhe is Back


Story Section No.5


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Story-of-Tere-Naam2

    रूद्र हर रोज़ की तरह अकेला उस लड़की के गार्डन के सामने बैठे उसको उसकी रूम की खिड़की से देख रहा था. तब वह अपने आपसे कहेता हैं.
रूद्र :- किसी ने सच ही कहा था. सच्चा प्यार करने वाले का चैन, सुकून सब छीन जाता हैं.
    अगले दिन रूद्र अपने आपको रोक नहीं पाया, रूद्र ने उस लड़की से अपने प्यार का इज़हार करने के लिए आज बिच रास्ते उसे रूकाकर कहा.
रूद्र :- तुम मुझे गलत समझ रही हो, मै वैसा नहीं हूँ जैसा तुम समझ रही हो. मै तुम से बहोत प्यार करता हूँ.
    यह सारी बातें वह लड़की अहिस्ते अहिस्ते चलते-चलते सुन रही थी. उस के इस बर्ताव से रूद्र गुस्से में आकार उसका हाथ पकड़कर उसे जोर से मोड़ कर कहा.
रूद्र :-  यह तेरा घमंड इस लिए बर्दाश कर रहा हूँ क्यों के मै तुम से बहोत प्यार करने लगा हूँ.
वह लड़की :- इसे तुम प्यार कहते हो. वह देखो तुम्हारी तरह वह टपोरी लड़के हर लड़की को आते जाते छेड़ते हैं. तुम में और उन में एक ही फर्क हैं वह सारी लडकियों को छेड़ते हैं और तुम सिर्फ मुझे. अब मेरा हात छोड़ों मुझे जाना हैं.
रूद्र :-  मुझे तुम उनके साथ जोड़ रही हो मैने तुम्हारे साथ कब कब बत्तमीजी की हैं
    रूद्र की यह बात सुनते ही उन टपोरी लड़कों में से एक ने कहा.
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टपोरी लड़का :- एक बार छेड़ा या हज़ार बार छेड़ा उसी तरह से एक लड़की को परेशान करो या दस एक ही बात हैं.
    उस लड़के की यह बात सुनते ही रूद्र ने उस लड़की का हाथ छोड़ दिया वापस मुड़ते हुवे सॉरी कहे कर वह वंहा से चला गया. रूद्र और असेफ वह दोनों हॉटेल पर बैठे थे. तभी पाटिल वंही पर आकर रूद्र से मिलता हैं.
पाटिल :- कॉलेज गया था वंहा जाने के बाद पता चला तुम यंहा पर हो इस लिए चला आया. एक बहोत बड़ी परेशानी आ गई हैं.
असेफ :- साला आज का दिन ही ख़राब हैं शायद.
पाटिल :-  क्यों तुम्हारे साथ क्या हुवा ?
रूद्र :- हमारी छोड़ तू बता कौनसी परेशानी आ गई हैं.
पाटिल :- सीमा को देखने के लिए आज लड़के वाले आ रहे हैं.
असेफ :- इतनी कम उम्र में सीमा की शादी कैसे कर सकता हैं उसका बाप.
पाटिल :-  वह पुराने ख़यालात के हैं. बेटी को थोड़ी बहोत समाज आ गई की करवादो उसकी शादी यह सोंच वलों में से हैं. वह आमदार ही कैसे क्या बन गया हैं इस बात की मुझे हैरत होती हैं.
असेफ :- अबे उसकी बेटी के प्यार में तो अंधा हो गया था. तुझे उसकी गुंडागर्दी याद नहीं क्या.
पाटिल :- अबे यार डरा मत सब कुछ याद हैं. लेकिन इस रूद्र की वजह से हिम्मत मिली थी इस के लिए तो उसके बाप और उसके गुंडों को भूल गया था.
रूद्र :- डर मत आज यह भी मसला हल कर देते हैं. चल गाड़ी पर बैठ.
    पाटिल के पिता को स्कूल में चपरासी की नौकरी थी. पाटिल उनका एक लौता बेटा था. पाटिल के माता पिता पाटिल से बहोत प्यार करते थे. पाटिल की ख़ुशी जिसमें हैं वह पूरी किया करते थे.
   रूद्र, पाटिल और असेफ यह तीनो पहोंच गए सीमा के घर पर. रूद्र के इस काम से असेफ और पाटिल बहोत डर गए. रूद्र ने उनकी हिम्मत बढाई और उन्हें घर के अन्दर ले गया. रूद्र सीमा के पिता के सामने जाकर कहने लगा.
रूद्र :- सर हमे सीमा से कुछ बात करनी आप उसे बुलवायेंगे क्या?
सीमा के पिता :- क्या बात करनी हैं और तुम सब कौन हो.
रूद्र :- हम सीमा के साथ पढ़ते हैं, उसके दोस्त हैं.
    सीमा के पिता ने रूद्र की बात सुनकर सीमा को बुलाया. यह सब बैठक रूम में बैठे थे. कुछ देर में सीमा वंहा पर आई वह उन्हें देख चौक गई. रूद्र ने सीमा के पैठते ही उससे यह सवाल किया.
रूद्र :- क्या तुम दोनों एक दुसरे से सच्चा प्यार करते हो.
    रूद्र ने यह सवाल सबके सामने पूछ दिया. सबके-सब एक दम हैरत में पड़ गए. सीमा भी डर गई लेकिन रूद्र ने उसकी हिम्मत बढाई और फिर से दोबारा उनसे वंही सवाल किया. सीमा के पिता रूद्र का सवाल सुनते ही बहोत गुस्से में आ गए थे लेकिन अपनी बेटी का जवाब सुनने के लिए वह चुप रहे कुछ देर के लिए.
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सीमा :- हां मै पाटिल से प्यार करती हूं.
सीमा के पिता ने जैसे ही सीमा की यह बात सुनी उन्हों ने सीमा को गुस्से में आकर एक चमाटा मारा और कहा.
    तू पढने जा रही थी क्या प्यार करने. अभी तेरी उम्र ही क्या हैं जो तू प्यार और शादी करने निकली.
रूद्र :- अब आपको समझ में आ रहा हैं क्या के सीमा की उम्र बहोत कम हैं. तब यह बात क्यों नहीं कही आपने जब जिसने कहा आपको हम आपकी बच्चे के लिए रिश्ता लेकर आ रहे हैं.
सीमा के पिता :- (पहले तो वह रूद्र की बात से शर्मिंदा हो गए फिर बाद में उन्हें लगा उनकी बेजाती कर रहा हैं) अब तू मुझे समझाएगा क्या मुझे कहना हैं और क्या नहीं.
    अपने आदमियों से कहेकर इन्हें बहार करने को कहा रूद्र ने उन सब की धुलाई करदी. सीमा को उसके पिता के सामने अपने साथ लेगाया पाटिल के घर. पाटिल के घर जाकर रूद्र ने पाटिल के माता पिता से बात की.
रूद्र :- मैंने आपको कहे बिना सीमा को यंहा ले आया हूँ, ऐसा इस लिए किया क्योंके सीमा लड़की होकर उसका घर छोड़ सकती हैं पाटिल तो लड़का हैं. आप मेरी बात को अच्छे से समझ सकते हैं इस लिए इन्हें यंहा लाया हूँ. उमीद करता हूँ आप सीमा को अपनी बेटी की तरह रखेंगे.
पाटिल के पिता :- यह अच्छा काम किया बेटा तुमने, इस बच्ची को हम इतना प्यार देंगे के उसके माता पिता ने भी इसे नहीं दिया होगा. हमारे बेटे से हम बहोत प्यार करते हैं इसे हर ख़ुशी देना चाहते हैं. अगर यह सीमा के साथ किसी दुसरे गांव भाग चला जाता तब इस की जुदाई हम बर्दाश नहीं कर सकते थे.
    इस तरह से सीमा और पाटिल को रूद्र ने आज मिलाया लेकिन अपने लिए सीमा के पिता की दुश्मनी मोल्लेली.

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