Tere Naam 2 …… Radhe is Back

Story Section No.6

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पाटिल के माता पिता ने और बाकि सबने यह फैसला किया. पाटिल और सीमा जब बालिग हो जाएंगे तब इनकी शादी करवा देंगे. सीमा को पाटिल के घरवाले अपनी बेटी की तरह चहाने लगे सीमा को पाटिल के घर इतना प्यार मिलरहा था जो उसे अब तक नहीं मिला. अगले दिन कॉलेज में सीमा ने रूद्र का सबके सामने शुर्क अदा किया वह भी रोते हुवे, क्यों की आज तक जिस प्यार को वह तरसी थी उससे भी ज्यादा उसे वह प्यार पाटिल के घर वालों से मिला.
आज दो बातों पर उस लड़की के दिन में रूद्र के लिए थोड़ी जगा बन गई. पहली ताफा जब रूद्र ने उसे रुकाया तब उसको टपोरी लड़के ने अपने जैसा कहा तब रूद्र ने आगे कुछ कहे बिना माफ़ी मांगी और चुप-चाप चला गया. दूसरी बारी जब सीमा ने रो कर उसका शुक्रिया कहा तब, एक बार रूद्र के लिए उसके दिन में जगा बन गई और उसदिन से बनती ही जा रही थी. कैसे ? ऐसे.
रूद्र पहले से ही पढाई में बहोत होशियार लड़का था. उसके दोस्तों के साथ बैठने के लिए वह क्लास में सबसे पीछे बैठा करता था. लेकिन आज से वह क्लास में सब से आगे बैठने लगा. क्लास में सारे बच्चे आकार बैठते और रूद्र सबके आखिर में सर के आने से कुछ सेकंड पहले आकर क्लास में बैठ जाता. क्लास ख़त्म होते ही सबसे पहले वह बहार निकल जाता. क्लास में ना दोस्तों से बातें करता ना किसी और से और ना उस लड़की की तरफ एक बार भी मुड़कर नहीं देखाता, क्लास में सर जो सवाल करते उनका जवाब रूद्र ही ज्यादा करके दिया करता था. आज से पहले रूद्र और रूद्र के दोस्त क्लास में सबसे पहले आते और सबसे आखिर में बहार निकलते. क्लास में हर वक़्त हसी मजाक किया करते और सर के सवालों के जवाब मजाकिया तरीखे से दिया करते. रूद्र अपने दोस्तों के साथ कॉलेज की टी शॉप पर बैठने के बाद बातें किया करता. रूद्र अपने ख़म को अपने दोस्तों से छुपाने की कोशिश करता लेकिन लाख कोशिश के बाद भी रूद्र के चहरे पर जुदाई का दर्द झलक जाता. कॉलेज के गार्डन, टी शॉप, लाइब्रेरी, या जहां कंही भी रूद्र का उस लड़की से आमना सामना हो जाता रूद्र फ़ौरन वह जगे छोड़ दूसरी तरफ चले जाता. कितनी भी कोशिश करने के बाद भी आज रूद्र की नज़र उस लड़की से मिल गई तब रूद्र ने अपनी निगाहे फेर ली और उस जगे को झोड़ तुसरी तरफ निकल गया.
रूद्र :-  Teri Narazi Ek Zaher
ना जीना सीखा तेरे बिन सनम सच्ची बात यह कहे रहे हैं हम,
  मुझे छोड़ना हैं तो छोड़ दो, इस तरह से नाराज मत रहो,
तेरी नाराजगी इस तरह लगती हैं मानो हर पल सबसे जहरीला जहर पी रहे हैं हम,
तूने तो जिंदगी में भी साथ हमारा छोड़ा है ऐ सनम वादा रहा हम तो मरके भी साथ नहीं छोड़ेंगे चाहे फर्श हो या अर्श,
मेरी जिंदगी के आखिरी लम्हे में भी तुम सनम आवाज देकर मुझे आजमाना मै खुदा के फरिश्तों के पास से भी अपनी जान तुम्हारे लिए वापस लाऊंगा,
चाहे तुम्हे मुझ पर भरोसा ना हो लेकिन ऐ सनम हम तो तेरी झूटी बातों को भी अपने दिलसे सच मानते हैं,
क्या करें इस दिल का किसी से मानता ही नहीं और यह मेरा सनम समझता ही नहीं.
    इस तरह से एक हफ्ता गुज़र गया उस लड़की के दिल में रूद्र के लिए और प्यार बढ़ता चला गया. अब वह क्लास में बार-बार रूद्र की तरफ देखा करती के अब वह मेरी तरफ देखेगा लेकिन एक बार भी रूद्र ने उसकी तरफ नहीं देखा.
  वह लड़की :- आज फिर तेरी याद आई उन पुरानी राहों से गुजरते हुवे, लाख दिल में मैंने यह ठाना था किसी भी तरह तेरी याद मै नहीं करूंगी, जब से तुम को देखा,
हर सुबह सूरज की पहली किरन से फुल की कली खिलती हैं, और
हम तो सनम तेरे दीदार से खिल गए हैं, लेकिन आप हैं के किसी औरों से अपनी जिंदगी महेका रहे हो, लो कहे रहे हैं हम यह सुन तो लो यह जन्म तो क्या अगले साथ जन्म तक हमने खुद को तुम्हारे किया.
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    इधर यह सब हो रहा था और उधर सीमा के पिता का गुस्सा आसमान पर चढ़ रहा था. वह हर वक़्त रूद्र को ख़त्म करने का सोंच रहे थे वह अपने आदमियों से कहते हैं.
सीमा के पिता :- सीमा या पाटिल को हमने अभी मारा तो विरोधी वाले को फायेदा पहोंचेगा. रूद्र को पहले मारेंगे फिर पाटिल को देखेंगे क्यों के रूद्र हैं तो पाटिल है और रूद्र नहीं तो पाटिल कुछ भी नहीं पाटिल को हम मच्छर की तरह मसल सकते हैं.
    अगले दिन सीमा के पिता ने यह प्लान किया. रूद्र को हम यह कहे कर घर बुलवायेंगे, के मै सीमा की शादी पाटिल से करने के लिए राज़ी हूँ और तुम अकेले घर पर आना हम तुम्हारे साथ मिलकर सीमा और पाटिल को सरप्राइज़ देंगे. रूद्र यह सुनते ही घर आएगा और हम उसको ऐसा मारेंगे जिससे वह अदमरा हो जाए ना उसको उसका नाम याद रहे ना किसी और का.
    वैसे ही किया सीमा के पिता ने जैसा कहा था उन्हों ने. पहले रूद्र को फोन किया.
सीमा के पिता :- रूद्र बेटा मै सीमा का पिता बात कर रहा हूँ.
रूद्र :- हां जी बोलिए किस लिए फ़ोन किया आपने.
सीमा के पिता :- मै अपनी बेटी से बहोत प्यार करता हूँ और उसके बगैर नहीं रहे सकता. उस दिन मुझे गुस्से में कुछ सुधरा ही नहीं इस लिए मैने अपने आदमियों को तुम्हे मारने के लिए कहा. मुझे माफ़ करदो मै सीमा को अपने घर लाना चाहता हूँ और उसे सरप्राइज़ देना है मुझे क्या तुम मेरे घर अभी आ सकते हो यंही बैठकर हम बाकी सारी बातें करते हैं.
रूद्र :- जी अंकल अभी आता हूँ.
सीमा के पिता :- रूद्र तुम अकेले आना और इस बात का ज़िक्र किसी से मत करना. क्यों के सीमा को सरप्राइज़ जो देना हैं.
रूद्र :- जी अंकल मै यह किसी से नहीं कहूँगा और अभी मै अकेला ही घर पर था.
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    रूद्र सीमा के पिता के घर अकेला चला गया. सीमा के पिता ने पहले रूद्र का मुस्कुराकर स्वागत किया फिर रूद्र को पानी में नशे की दवा डाल कर पिलाया. रूद्र पर नशे की दावा का असार होने लगा रूद्र को जैसे-जैसे नशा आने लगा तब सीमा के पिता ने रूद्र को मारना शूरों कर दिया और वह मारते हुवे कहने लगे.
    अब बनके दिखा दादा, दिखा अपनी दादा गीरी.

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