Tere Naam 2 …… Radhe is Back


Story Section No.9

tere naam 2, Salman khan Suraj pancholi kaira advavi
Story-of-Tere-Naam2

राधे और उसके दोस्त और उनके साथ रूद्र और रूद्र के दोस्त यह सब अपनी अपनी बाइक पर कॉलेज जाने के लिए निकले. राधे की बाइक सबसे आगे थी और राधे की बाइक के पीछे दूसरों की बाइक थी. राधे का काफेला पहले कॉलेज पहोंचा फिर उस रेलवे स्टेशन की टी शॉप पर गए.
जब सबसे पहले राधे कॉलेज गया तब पहले के कॉलेज और आज के कॉलेज में बहोत फर्क देख खुश हो गया फिर उन जघों पर गया जंहा वह अपने दोस्तों के साथ वक़्त गुज़ारा करते थे. कॉलेज से निकल कर राधे सबके साथ पहोंच गया रेलवे की टी शॉप पर वंहा चाय पीते बैठे थे के तभी असलम को फ़ोन पर किसी ने कुछ कहा.
राधे जब आश्रम से बहार आ रहा था तब राधे ने असलम को उस चकले वाले का पता लगाने के लिए कहा था. असलम तब से उस चकले वाले को ढूंड रहा था. वह चकले वाला अब बहोत बड़ा आदमी बन गया था अब उसके हर बड़े शहर में चकले थे. उस का एक ठिकाना नहीं था कभी इस शहर तो कभी उस शहर लेकिन आज उस का आगरा आना हो गया. वह जैसे ही आगरा आया तब असलम के खबरी ने असलम को फ़ौरन फ़ोन पर बता दिया.
असलम :- (फ़ोन पर बात ख़त्म होते ही) राधे वह आ गया.
    यह सुनना ही था के राधे और उसके सारे दोस्त पहोंच गए उस चकले वाले के चकले पर वंहा पहोंच ते ही राधे ने सबसे कहे दिया था बीच में कोई ना आए. राधे को जैसे ही चकले वाले के आदमियों ने देखा वह उसे छोड़ भाग गए. अब उस चकले वाले के साथ जो बहार से आए हुवे उसके बॉडी गार्ड थे वह और वह चकले वाला था. राधे ने अकेले ही उन सबकी धुलाया की और आखिर में उस चकले वाले को उसके ही हाथों से फांसी लग वादी.
    चकले में जितनी भी लडकिया लाई गई थी उन सबको रिहा कर दिया. असलम और रूद्र मिलकर सारी लडकियों को बहार निकाल रहे थे. एक कमरे में एक लड़की कमरे के कोने में बैठी रो रही थी, रूद्र और असलम उसके करीब गए उससे बात करने के लिए.
असलम :- डरों मत बहेन आज से यह चकला बंद हो जायेगा और तुम आजाद हो तुम अपने घर जा सकती हो तुम्हे आज से कोई नहीं रोकनेवाला.
वह लड़की :- घर जाकर क्या करुँगी और फिर दोबारा मेरे रिश्तेदार मुझे किसी और चकले में बेच देंगे. तुम सबके आने से पहले ही मेरे चाचा ने मुझे इस चकले वाले को बेच दिया और वह यंहा से चले गए.
रूद्र :- आपके माता पिता, बहेन भाई इनमें से कोई नहीं हैं क्या?.
वह लड़की :- एक रोड अक्सिदंड में मेरे माता पिता और मेरा बड़ा भाई गुज़र गए. अब बची मै और मेरे दूर के चाचा ने मुझे अपने घर पर रहने के लिया कहा मै राज़ी हुवी तब मुझे गांव से लाकर यंहा इस चकले में आज बेच दिया. मै अपनी जिंदगी ख़त्म करदेने वाली थी के तभी आप सभी आ गए.
    असलम और रूद्र ने जब उस लड़की की बातें सुनी तब उन दोनों ने यह प्लान किया इस लड़की को किसी तरह राधे से जोड़ देते हैं.
असलम :- अब तुम्हे डर ने की बात नहीं है मैने तुम्हे अपनी बहन बना लिया हैं. आज से तुम मेरे घर पर रहो गी.
रूद्र :- यह सब तो ठीक हैं लेकिन तुम्हारा नाम क्या हैं.
असलम :- अरे हां बातों बातों में तो मै तुम्हारा नाम पूछना ही भूल गया था.
वह लड़की :- मेरा नाम नेहा हैं.
    जब रूद्र और असलम नेहा से बाते कर रहे थे तब दरवाज़े के बहार चुप चाप खड़ा राधे इनकी बातें सुन रहा था. जैसे ही रूद्र, असलम और नेहा बाहर आए तब असलम ने नेहा को राधे से मिलवाया.
असलम :- अरे राधे, नेहा इनसे मिलो यह मेरा दोस्त मेरा भाई मेरा सब कुछ इन का नाम राधे हैं. यह भी मेरे ही घर में रहेता हैं आज से तुम दोनों उस घर में रहेना और खाने पिने की सारा सी भी फ़िक्र मत करना वह घर किसी और का नहीं बलके तुम्हारे इस असलम भाई का हैं. (यह सारी बातें जल्दी जल्दी कहे कर असलम वंहा से चला गया) अरे आ रहा हूँ. राधे मुझे बहार काम हैं.
    यह सरे वंहा से निकल गए, चकले से जाते वक़्त सब की गाड़ी की पिछली सीट पर कोई ना कोई बैठा था लेकिन राधे की बाइक की पिछली सीट खाली थी. नेहा को असलम ने कहा वह राधे की बाइक की पिछली सीट पर बैठे तब नेहा राधे की बाइक की पिछली सीट पर बैठ गई. असलम ने जब नेहा को राधे के घर रहे ने वाली बात कही थी तब और अब बाइक पर पैठने को कहा तब राधे ने असलम को बहोत घुस्से से देखा था और राधे कुछ कहेता इस से पहले असलम ने अपनी निगाहों और बॉडी लैंग्वेज से राधे को मना लिया था. यह सब अपने अपने घर चले गए रूद्र और असलम नेहा और राधे को राधे के घर छोड़ चले गए.
    अगले दिन असलम और राधे अपनी पुराणी जगह कॉलेज के बहार बैठे थे. कॉलेज का वक़्त हो गया था तब रूद्र, पायल और पाटिल, सीमा आए कॉलेज के लिए. राधे से उन्हों ने सलाम दुवा की फिर वह चले गए अपनी क्लास में राधे रूद्र और पायल को देख बहोत खुश हो गया.
इस तरह से कुछ दिन गुज़र गए, राधे के घर पर नेहा राधे का पूरा धयान रखा करती लेकिन दोनों आपस में बातें नहीं किया करते थे. राधे जब नीद से उठ जाता तब उसके कहने के पहले ही नेहा नाश्ता चाय तयार करकर खाने की मेज पर रख देती थी. इस तरह और भी दुसरे बाकी सारे काम नेहा किया करती. कहने को तो घर में राधे और नेहा एक साथ रहा करते थे लेकिन सिर्फ नाम के लिए.
आज राधे ने रूद्र और पायल को अपने घर पर खाने के लिए बुलाया. राधे के घर पर रूद्र और पायल आए. राधे अपने कमरे में कुछ लेन के लिए गया और नेहा किचन में खाना बना रही थी. हॉल में रूद्र, पायल और असलम बैठे थे.
रूद्र :- असलम भाई क्या हुवा इन दोनों में कुछ प्यार महोब्बत की शुरवात हुवी की नहीं.
असलम :- नहीं यह दोनों तो सरहत के फोजियों की तरह रहे रहे हैं.
रूद्र :- अच्छा आज से नहीं रहेंगे रूद्र ने पायल को बहोत कुछ कहे कर नेहा के पास भेजा नेहा के दिल में राधे के लिए प्यार जाग जाए और खुद ने यह फैसला किया के वह राधे से बात करेगा नेहा के बारें में.
    रूद्र ने जैसा कहा पायल ने ठीक वैसा ही बहोत अच्छे अंदाज़ में नेहा से बात की और सबके खाना खाने के बाद नेहा के कमरे में पायल और नेहा बातें करती बैठी थी और दुसरे कमरे में राधे के साथ असलम और रूद्र बातें करते बैठे थे.
रूद्र :- भाई मै आपसे बहोत छोटा हूँ लेकिन आपने मुझे अपना छोटा भाई माना हैं इस लिए मै आपसे यह बात कहे रहा हूँ. आप नेहा के साथ शादी करलो आपके सहारे की उसे ज़रूरत हैं. मै यह भी बात मानता हूँ आप अपना गुज़रा हुवा कल भूल नहीं सकते इस लिए आप किसी और लड़की को अपना बना नहीं चाहते हो. आपने नेहा की शादी कितने भी अच्छे लड़के से करवादी तब भी वह लड़का उसे ख़ुशी नहीं दे सकता क्यों के आपने नेहा को उसके चाचा के घरसे नहीं बलके एक चकले से अपने घर पर लाया हैं. आप मै असलम भाई यह जानते हैं के नेहा बेदाग वाली लड़की हैं नेहा का दमन उतना ही पाक हैं जितना पायल का लेकिन यह बात आपके और हमारे सेवा और कोई दूसरा समझ नहीं सकता. मेरी इन बातों पर आप एक बार ज़रूर सोंचना और ऐसे सोंचना के नेहा की जगा आपकी निर्जरा होती तब आप क्या करते.
    बहोत देर हो गई थी रूद्र और पायल को राधे के घर पर इस लिए वह अब अपने घर जा रहे थे. राधे के घर पर ही पायल के मामा का फ़ोन आया. पायल फोन पर बात करते करते डर गई तब उसका फ़ोन रूद्र ने लेकर फ़ोन पर आगेकी बात सुनी.
राधे :- क्या हुवा तुम दोनों क्यों डरे हुवे हो.
रूद्र :- इसके पिता को हमारे बारें में सब पता चल गया हैं और उन्हें मेरे और पायल के प्यार के बारें में बताने वाला और कोई नहीं सीमा के पिता हैं.
असलम :- अबे रूद्र क्या बात कर रहा हैं. पायल के बाप को तो तुम्हारे बारें में सब कुछ पता हैं ना.
रूद्र :- असलम भाई वह उसके पिता नहीं मामा हैं. पायल के मामा मामी को औलाद नहीं थी इस लिए उन्हों ने पायल को गोद लिया था और पायल बच-पन से अपने मामा मामी के साथ रहे रही थी और वह अपने मामा मामी को माता पिता मानती हैं.
राधे :- इस में डर ने वाली क्या बात हैं पता चला हैं तो पता चलने दो डर किस बात का.
रूद्र :- डर इस बात का हैं भाई के वह बिहार के बहोत बड़े डाकू गुंडे हैं किसी को भी चुटकी में मार देते हैं और प्यार करने वाले को तो देखते ही ख़त्म कर देते हैं.
    पायल और रूद्र की बातें सुनते ही राधे और असलम हसने लगे. राधे ने उनसे कहा.
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राधे :- अच्छा इतने बड़े गुंडे हैं चलो चल के देखते हैं.

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